चने की दाल कैसे खाई जाती है? - chane kee daal kaise khaee jaatee hai?

Chana Dal Puri Recipe In Hindi: दाल की पूरी यूपी और बिहार में बड़े चाव के साथ खायी जाती है. गेहूं के आटे और चना दाल से इसे बनाया जाता है. इसमें काफी कम तेल और मसाले का इस्तेमाल होता है. कई जगहों पर इसे वेडमी पूड़ी के नाम से भी जानते हैं. इसे आलू की रसेदार सब्जी के साथ खाया जाता है. मथुरा और वृंदावन में आपको ये पूरी खाते हुए लोग मिल जाएंगे. आप इन्हें आसानी से घर में भी बना सकते हैं. आइये जानते हैं दालपूरी बनाने की रेसिपी. 

दालपूरी बनाने के लिए सामग्री

  • चना दाल- 250 ग्राम 
  • गेहूं का आटा- 500 ग्राम 
  • जीरा-1 टीस्पून 
  • हींग-1 चुटकी 
  • अदरक-लहसुन का पेस्ट- 1 टेबलस्पून 
  • हरी मिर्च- 4 कटी हुई
  • हल्दी-1 टीस्पून 
  • हरी धनिया कटा हुआ
  • सरसों का तेल- 2 टेबलस्पून
  • स्वादानुसार नमक 

ये भी पढ़ें: Brain Health: मेमोरी बढ़ाते हैं ये फूड, अच्छी रहेगी आपकी याददाश्त

दालपूरी बनाने की रेसिपी 
1- चने की दाल को साफ करके 5-6 घंटे के लिए भिगोकर दें. .
2- अब दाल से पानी निकाल दें. एक कड़ाही में 2 टेबलस्पून तेल डालें.
3- इसमें जीरा, हींग, हरी मिर्च और अदरक-लहसुन का पेस्ट डाल दें. इसे थोड़ा भूने लें.
4- अब इसमें दाल डालें और चलाते हुए अच्छी तरह मिक्स कर लें. 
5- हल्दी और नमक डाल दें और चलाते हुए दाल को पकाएं. 
6- अगर दाल पक गई है तो इसमें धनिया पत्ती डाल दें और गैस बंद कर दें. 
7- तैयार दाल को ठंडा होने दें और तब तक आटा गूंथ लें. 
8- इसके लिए आटा छान लें उसमें थोड़ा नमक डालें और पानी डालते हुए मुलायम गूंथ लें.
9- दाल को मिक्सी में बिना पानी के पीस लें. अगर ज्यादा गाढ़ी लगे तो 1-2 चम्मच पानी का इस्तेमाल कर लें. 
10- अब लोई लेकर बेल लें और इसमें पिसी हुई दाल भरकर बंद कर लें. इसे पूरी जैसा बेल लें.
11- आप चाहें तो इन्हें कड़ाही में पूरी की तरह सेक लें. या फिर इसे परांठे की तरह सेक कर भी खा सकते हैं.
12- गर्मागरम दालपूरी को आलू की रसेदार सब्जीके साथ सर्व करें.

News Reels

ये भी पढ़ें: Health Tips: टाइम आ गया है इन Immunity Booster फूड को फिर से अपने खाने में शामिल करने का

चना दाल फ्राई रेसिपी (Chana Dal Fry Recipe): चना दाल फ्राई का नाम सुनते ही कई लोगों के मुंह में पानी आ जाता है. ढाबे पर मिलने वाली चना दाल फ्राई का स्वाद तो लाजवाब होता है. कई लोग तो ढाबे का रुख ही सिर्फ चना दाल फ्राई का स्वाद लेने के लिए करते हैं. चना दाल स्वाद से भरपूर होने के साथ ही पोषक तत्वों से भी भरपूर होती है, हालांकि ये दाल भारी होने की वजह से देर से डाइजेस्ट होती है. आप भी अगर घर पर चना दाल बनाते हैं लेकिन ढाबे जैसा स्वाद नहीं आ पाता है तो आज हम
आपको चना दाल फ्राई बनाने की आसान रेसिपी बताने जा रहे हैं, इसकी मदद से आप स्वाद से भरपूर चना दाल फ्राई तैयार कर सकते हैं.
चना दाल फ्राई को स्पेशल स्वाद देने के लिए इसमें मसालों के साथ ही दही का भी इस्तेमाल किया जाता है. आप चाहें तो इसे लंच या डिनर किसी भी वक्त बनाकर खा सकते हैं. इसे रोटी या चावल के साथ सर्व किया जा सकता है.

चना दाल फ्राई बनाने के लिए सामग्री
चना दाल – 1 कप
दही – 1/2 कप
लाल मिर्च पाउडर – डेढ़ कप
धनिया पाउडर – 2 टी स्पून
हल्दी – 1 टी स्पून
गरम मसाला – 1 टी स्पून
जीरा – 1 टी स्पून
हींग – 1 चुटकी
कसूरी मेथी – 1 टी स्पून
तेल – 1 टेबलस्पून
नमक – स्वादानुसार

इसे भी पढ़ें: Paneer Hyderabadi Recipe: डिनर में चाहते हैं कुछ स्पेशल तो बनाएं पनीर हैदराबादी

चना दाल फ्राई बनाने की विधि
चना दाल फ्राई बनाने के लिए सबसे पहले चना दाल लें और उसे साफ कर पानी में आधा घंटे के लिए भिगोकर रख दें. तय समय के बाद प्रेशर कुकर में भीगी हुई दाल डाल देंऔर उसमें आवश्यकतानुसार पानी डालकर हल्दी, नमक और हींग डालकर ढक्कन बंद कर दें. दाल को कुकर में 2 सीटी आने तक पकाएं. इसके बाद गैस बंद कर दें. अब एक कड़ाही लें और उसमें तेल डालकर मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दें.

इसे भी पढ़ें: Sev Tamatar Sabji Recipe: ढाबा स्टाइल सेव-टमाटर की सब्जी बनाने के लिए ट्राई करें ये रेसिपी

जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें जीरा डालकर तड़कने दें. इसके पहले एक बाउल में दही लें और उसे अच्छई तरह से फेंट लें. फिर दही में लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, गरम मसाला, नमक डालकर सभी को अच्छी तरह से मिक्स कर लें. अब दही पेस्ट को कड़ाही में डालकर कुछ देर तक पकाएं. इसके बाद इसमें कुकर से निकालकर उबली हुई चने की दाल डाल दें. फिर जरूरत के मुताबिक पानी मिला दें.
अब कड़ाही को ढककर दाल को 5-6 मिनट तक पकने दें. इस दौरान बीच-बीच में दाल फ्राई को करछी की मदद से चलाते रहें, जिससे दाल कड़ाही में ना चिपके. दाल पकने के बाद गैस बंद करें. आखिर में कसूरी मेथी लेकर उसे हथेलियों से मसलकर चना दाल फ्राई में डाल दें. डिनर के लिए स्वाद से भरपूर चना दाल फ्राई तैयार हो चुकी है. इसे रोटी, पराठे या चावल के साथ सर्व कर सकते हैं.

ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|

Tags: Food, Food Recipe, Lifestyle

FIRST PUBLISHED : June 17, 2022, 19:09 IST

आमतौर पर सभी प्रकार की दालों में प्रोटीन की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए दालों को सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है। चना दाल से न केवल शरीर को पर्याप्त पोषण मिलता है बल्कि इससे कई तरह की रेसिपी भी तैयार की जा सकती है।

पोषण विशेषज्ञ नमामी अग्रवाल ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम टाइमलाइन पर चना दाल खाने के फायदे और इसे अपने आहार में शामिल करने के तरीके शेयर किए। दरअसल, चना दाल के ढेरों फायदे हैं। यह शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बेहतर स्रोस है। इसमें बी-कॉम्पलेक्स विटामिन होता है जो ग्लूकोज मेटाबोलिज्म में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। साथ ही इसमें एंटीऑक्सीडेंट गुण भी होते हैं जो शरीर के अंगों को सूजन से बचाते हैं।

​सेहत के लिए चना दाल के फायदे

वजन कम करे

चने की दाल में पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन और कैलोरी कम होती है। इसे नियमित खाने से वजन नियंत्रित रहता है।

इम्यूनिटी बढ़ाए

इम्यूनिटी बढ़ाएरोजाना 30 ग्राम चना दाल का सेवन करने से 6 से 7 ग्राम प्रोटीन मिलता है। इसलिए इसे हेल्दी सुपरफूड माना जाता है। इस दाल को अपनी डाइट में शामिल करने से इम्यूनिटी बढ़ती है और बीमारियां दूर रहती हैं।

​टूटते बालों को रोके

अगर आप टूटते बालों या बालों के डैमेज होने से परेशान हैं, तो आपको नियमित चना दाल का सेवन करना चाहिए। यह फोलिक एसिड से भरपूर होता है, जो स्कैल्प को पोषण देता है और बालों को जड़ से मजबूत बनाता है। इससे बाल टूटने की समस्या कंट्रोल हो जाती है।

​डायबिटीज कंट्रोल करे

यह पोषक तत्वों से भरपूर होती है, जो डायबिटीज के मरीजों के लिए फायदेमंद होती है। इसमें फाइबर की मात्रा होती है जो ब्लड स्ट्रीम में ग्लूकोज को रिलीज करने में मदद करती है और ब्लड शुगर को भी नियंत्रित रखती है।

​भुर्जी

सोया ग्रेन्यूल्स और शिमला मिर्च से बनी चना दाल भुर्जी में उतनी ही मात्रा में प्रोटीन होता है जितना अंडा या पनीर में होता है। इसमें अंडे और पनीर की तुलना में कम वसा और कैलोरी होती है। इस भुर्जी को रोटी या पराठा रोल या सैंडविच के रूप में खाया जा सकता है।

प्रोटीन से भरपूर होने के कारण चना दाल सेहत के लिए फायदेमंद है। स्वस्थ शरीर के लिए नियमित इसे अपने आहार में शामिल करना चाहिए।

​सूप

अगर आप शाम को कुछ हल्का खाना चाहते हैं, तो चना दाल का सूप बेहतर विकल्प है। यह हल्का होता है लेकिन इसे खाने से पेट भर जाता है। इससे शरीर को पर्याप्त प्रोटीन भी मिलता है।

​हम्मस

यह स्नैक झटपट बन जाता है और इसे किसी भी चीज़ के साथ खाया जा सकता है। चना दाल से बनाया गया हम्मस आपको फाइबर के साथ प्रोटीन भी देता है। यह कम कैलोरी वाला स्नैक है जो वजन घटाने में मदद करता है।

​चना दाल को डाइट में शामिल करने के तरीके

पैनकेक

चना दाल से बनाया गया यह एक हेल्दी और पौष्टिक नाश्ते का विकल्प है। दाल को पानी में रात भर भिगो दें और इसे ब्लेंड करके अपनी पसंद की सामग्री डालकर पैनकेक बनाएं।

Navbharat Times News App: देश-दुनिया की खबरें, आपके शहर का हाल, एजुकेशन और बिज़नेस अपडेट्स, फिल्म और खेल की दुनिया की हलचल, वायरल न्यूज़ और धर्म-कर्म... पाएँ हिंदी की ताज़ा खबरें डाउनलोड करें NBT ऐप

लेटेस्ट न्यूज़ से अपडेट रहने के लिए NBT फेसबुकपेज लाइक करें

चने की दाल को कैसे खाना चाहिए?

चने की दाल के तीन चम्मच रात को पानी में भिगो दें सुबह के समय इसका सेवन करें और इसके बाद गर्म दूध पीएं। ... .
भूख बहुत लगने लगती है और खाया-पिया हज़म हो जाता है। ... .
इसमें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन, आयरन और फाइबर अधिक मात्रा में होने के कारण शरीर को ऊर्जा प्रदान करती है।.

चने की दाल को दूध में भिगोकर खाने से क्या होता है?

दूध औऱ चने खाने के फायदे- रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है- अगर आप रोजाना नाश्ते में या दोपहर के खाने से पहले 50 ग्राम भुने चने खाते हैं इससे रोग प्रतिरोधक क्षमता (immunity) बढ़ती है। इससे बीमारियों से बचा जा सकता है। मोटापा घटाने के लिए- दूध और चने के सेवन से आप अपना वजन कम (weight loss) कर सकते हैं।

चने की दाल गर्म होती है क्या?

चने की दाल- चने की दाल की तासीर भी मूंग की दाल की तरह ठंडी होती है। इसमें पाया जाने वाला हाई प्रोटीन शरीर में एनर्जी लेवल को बनाए रखता है।

चना दाल कब खाना चाहिए?

मान्‍यताओं के अनुसार, रविवार को चने की दाल और मूंग की दाल खाने से शुभ फल की प्राप्ति होती है और आप स्‍वस्‍थ भी रहते हैं।

संबंधित पोस्ट

Toplist

नवीनतम लेख

टैग